Beti Bachao Beti Padhao Yojana – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 2020

Beti Bachao Beti Padhao Yojana

किसी भी देश के लिए सही तरीके से पूर्ण विकास करना तभी संभव हो पाता है जब उस देश मे लिंग अनुपात सही तरीके से बरकरार रहे। आपको यह बात जानकर बेहद हैरानी होगी की भारत मे जहाँ 1991 मे बाल लिंग अनुपात प्रति 1000 लड़को पर 0 से 6 साल की उम्र की 945 लड़कियाँ थी, वही 2011 आने तक यह कम होकर के 918 हो गई है। यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया था। तभी हमारे देश भारत के अादरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से देश की सभी लड़कियों के भविष्य को बेहतर तथा जीवन के स्तर को उपर उठाने के लिए 22 जनवरी 2015 को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना की शुरूआत की गई। हमारे देश के सभी राज्य के लिंग अनुपात मे असमानता है। यदि जिला स्तर पर इसका विश्लेषण करे तो 640 जिलो मे से लगभग 429 जिलों मे लिंग अनुपात मे गिरावट देखी गई है।

इस विषय को ध्यान मे रखते हुए तथा इस स्थिति को बेहतर बनाने की तरफ कदम बढ़ाते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने पानीपत मे इस योजना का आगाज़ किया। २२ जनवरी, २०१५ के दिन Beti Bachao Beti Padhao Yojana का शुभारम्भ किया गया। देश की हर बालिकायों को सभी आवश्यक स्तर पर अधिकार मिले जिनसे उन्हें वांछित किया जाता है और एक उज्ज्वल भविष्य हर लड़की को मिल सके इसी के उद्देश्य से यह योजना की शुरुआत की गई हैं। समाज मे चली आ रही सभी असामाजिक प्रथाओं के चलते इन सभी बच्चियों को अनगिनत मुश्किलों और यातनयों को सहन करना पड़ता है। सरकार इन सभी असामाजिक तत्वों और प्रथाओं का अंत करना चाहती है और देश की बेटियों को एक सुनहरा जीवन देना चाहती है।

 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

इसलिए इस योजना की शुरुआत की गई है। अगर किसी व्यक्ति को अपनी बेटी को इस अवसर का लाभ देना है तो उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा उसके पश्चात सभी जानकरियों को एक एक कर के भरना होगा। आपको बेटी का अकाउंट नम्बर देना होगा जोकि आप अपने पुत्री के जन्मतिथि से लेकर उसके 10 साल तक की आयु तक निजी बैंक में जाकर फ़ार्म भरकर खुलवाया जा सकता है। इस योजना को लागू करते समय इन 3 लक्ष्यों के उपर ध्यान केंद्रित किया गया जो की कुछ इस प्रकार है:

  • कन्याओ की सुरक्षा व समृद्धि
  • कन्या भ्रूण हत्या का रोकथाम
  • बालिकाओं की शिक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करना

देश के वे सभी निवासी जो अपनी बेटी को सरकार की तरफ से चल रहे योजना का लाभ अपनी बेटी को देना चाहते है और उसका भविष्य उज्ज्वल करवाना चाहते है, उन्हें इस योजना के तहत अपनी बेटी का बैंक मे खाता खुलवाना होगा। यह खाता खुलवाने के लिए बेटी की उम्र जन्म से लेकर 10 वर्ष तक की ही मान्य होगी। 10 वर्ष से ज्यादा की उम्र वाली लड़कियों को इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगी।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana योजना की प्रमुखताएँ

शीर्षकबेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
शुरू की गईमाननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
शुरू करने की तारीख़22 जनवरी, 2015
उद्देश्य/लक्ष्यबच्चियों को पढ़ाई का अवसर और एक उज्ज्वल भविष्य प्रदान करना
विभागबाल और महिला विकास मंत्रालय
ऑफिसियल वेबसाइट/पोर्टलhttps://wcd.nic.in/

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य

समाज में सदियों से चली आ रही कुरितियों और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकार ने बहुत सारे अलग अलग योजनाओं को शुरू किया है। इस योजना का मुख्य और एकमात्र लक्ष्य है देश की बेटियों को बेटों की तरह सामान दृष्टिकोण से देखा जाए। बेटियों और बच्चियों की भ्रूण हत्या पर रोक लगे और उन्हें बोझ ना समझा जाए। 2011 के जंगणना के अनुसार कई राज्यों मे लिंग अनुपात हर 1000 लड़कों पर मात्र 900 लड़कियों की ही गिनती करी गई। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इस सेवा को शुरू किया है। इसके ज़रिये बेटियों को सरकार एक उज्वल और सुरक्षित भविष्य और उन्हें शिक्षा को प्रदान करने का भरोसा दिलाया है। इस BBBP Scheme के आगमन से असामान्य लिंग अनुपात को पूर्ण रूप से रोकने के एक पहल सरकार द्वारा किया जा रहा है। देश की बेटियों को शशक्त और आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार ने इसकी शुरुआत की है। पालन, पोषण और शिक्षा के हर स्तर पर बेटियों को लाभ पहुचाने का कार्य किया जा रहा है।

पात्र कौन होगा या ये किसके लिये है

यह बात शत-प्रतिशत सत्य है कि यह योजना एक ऐसी पहल है जिससे पूरे देश को लाभ प्राप्त होगा। इसकी पहुँच को आसान बनाने के लिए इसको हालाकि तीन वर्गों मे बांटा गया है :

  • प्रथम समूह : इसके अंतर्गत युवा एवं विवाहित जोडे, माता पिता तथा गर्भवती माताओं को शामिल किया गया है।
  • माध्यमिक समूह : डाक्टर, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर तथा देश के युवा शामिल हैं।
  • तृतीय समूह : इसके अंदर अधिकारी , धार्मिक नेता , मीडिया, स्वैच्छिक संगठन, फ्रंटलाइन कार्यकर्त्ता ,महिला सेल्फ़ हेल्प ग्रुप तथा देश के अन्य सामान्य लोग शामिल है।

योजना के प्रमुख प्रचार और निर्धारित दायरे

Beti Bachao Beti Padhao Yojana एक बेहद ज़रूरी और लाभदायक राष्ट्रीय स्तर पर एक मोहिम और अवसर के स्वरूप में, चयनित 100 ज़िलों के अंदर लागु किया गया है जहाँ पर बाल लिंग प्रत्येक लड़के के अनुपात मे लड़कियों की संख्या कम पाई गई है। इन सभी चुने गए ज़िलों को लिंग अनुपात को सही करने के लक्ष्य से साल 2011 के जनगणना के आधार पर चयनित किया गया है। वहां:

  • कुल 87 ज़िले  और 23  मुख्य राज्य जोकि राष्ट्रीय औसत के अनुसार काफ़ी नीचे पाए गए है।
  • 8 राज्य और 8 ज़िले जोकि निर्धारित औसत से काफ़ी ऊपर हैं, परंतु उन्मे भी गिरावट देखा गया है।
  • 5 राज्य और 5 ज़िले जिनका निर्धारित औसत में बढ़ने के रुझान पाए गए है।
  • सभी चयनित 100 ज़िलों पर इस योजना को असर देखने के लिए 11 राज्य और चयनित केंद्र शासित सभी प्रदेशों के कुल 61 अतिरिक्त मुख्य ज़िलों का चयन किया गया है, जिनके बाल लिंग का अनुपात 918 से भी कम गिना गया है।
  • 2018 मे 8 मार्च को इस सेवा को राष्ट्रिय और राज्य के अलग अलग स्तर पर सरकार द्वारा लागु करवाया गया था। जिसमें 2011 के जनगणना के आधार पर कुल 640 जिलों को गिनती की गई जिनका लिंग अनुपात

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना से मिलने वाले लाभ

Beti Bachao Beti Padhao Yojana योजना की केन्द्रीय स्तर पर प्रशासन तथा बजटीय नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी “महिला एवं बाल विकास मंत्रालय” की होगी। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप मे एक साथ 100 जिलों मे शुरू की गई है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को शुरू करने का सबसे बड़ा उद्देश्य लड़कियों के प्रति लोगों की मानसिकता मे सुधार लाने के साथ पितृसत्ता को खत्म करना तथा महिला सुरक्षा एवं नारी सशक्तिकरण है। यह योजना का लाभ पाने के लिए आप अपनी जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु की बेटी का बैंक अकाउंट खुलवाना होगा।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana योजना के माध्यम से देश मे चल रही लड़कियों की भ्रूण हत्या पर रोक लगाने मे मदद मिलेगी। इस योजना के माध्यम से बेटियों की शिक्षा तथा विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस योजना के माध्यम से लड़कियों तथा लड़को के बीच के भेद भाव को कम करने मे मदद मिलेगी। इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रदान की गइ आर्थिक सहायता तथा खुद के द्वारा जमा की गई धनराशि साथ प्रदान की जाएगी। योजना के अंतराल और निर्देश के अनुसार आपको अपने पुत्री के बैंक खाता में उसके पैदा होने से लेकर उसके 14 साल तक की होने तक कुछ धनराशि उसके बैंक खाते में जमा करनी होगी। इसके बाद पुत्री के 18 साल के हो जाने के पश्चात आप पुरी धनराशि में से लगभग 50 % का हिस्सा लड़की के पढाई पुरा करवाने के लिए खाते में से निकलवा सकते है और पुत्री के 21 साल के होने के पश्चात उसके शादी के समय पर सारी जमा धनराशि को खाते से निकाल कर उसके शादी की ज़रूरतों में ख़र्च कर सकते है।

खाते में जमा की जाने वाली पुरी धनराशि और खाते से निकलने वाली पुरी राशि की महतपूर्ण जानकारी-

आवेदक के पुत्री के बैंक खाते में हर माह 1000 रुपए और सालाना 12000 रुपए जमा करने पर

  • Beti Bachao Beti Padhao Yojana के सेवा के अंतर्गत पुत्री के बैंक खाते में हर माह 1000 रूपये या सालाना 12000 रूपये तक की धनराशि अगर जमा करवाते है तो 14 साल मे आपके द्वारा उस खाते में कुल 1,68,000 रुपए की धनराशि जमा हो चुकी होगी। बैंक खाते के 21 साल के बाद उसके परिपक्व होने के पश्चात आवेदक की पुत्री को कुल ₹6,07,128 की धनराशि प्रदान कर दी जाएगी |

खाते में सालाना 1.5 लाख तक की धनराशि जमा करवाने पर

  • BBBP SCHEME के अंतर्गत अगर आवेदक अपनी बेटी के बैंक अकाउंट में प्रतिवर्ष 1.5 लाख रूपये की धनराशि को जमा करता है तो आपको 14 वर्षो तक अपनी बेटी के खाते में कुल 21 लाख रूपये जमा होंगे। खाता का परिवक्व हो जाने  के बाद आवेदक की पुत्री को कुल ₹72 लाख तक की धनराशि प्रदान कर दी जाएगी।
  • यह योजना का लाभ पाने के लिए आप अपनी जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु की बेटी का बैंक अकाउंट खुलवाना होगा। इस योजना के माध्यम से देश मे चल रही लड़कियों की भ्रूण हत्या पर रोक लगाने मे मदद मिलेगी।
  • इस योजना के माध्यम से बेटियों की शिक्षा तथा विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस योजना के माध्यम से लड़कियों तथा लड़को के बीच के भेद भाव को कम करने मे मदद मिलेगी।
  • इस योजना के तहत सरकार द्वारा प्रदान की गइ आर्थिक सहायता तथा खुद के द्वारा जमा की गई धनराशि साथ प्रदान की जाएगी।
  • योजना के अंतराल और निर्देश कम आँका गया है।

खाता खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज़

इस योजना का आवेदन करने के लिए जिस तरह से कोई पंजीकरण नहीं किया जा सकता उसी तरह इसके लिए ज़रूरी दस्तावेज़ निर्धारित/डाक्यूमेंट्स को निर्धारित नहीं किया गया है नहीं कोई दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है। BBBP Scheme के अंतराल आपको बस एक बैंक खाता खुलवाने की आवश्यकता है जो आपके पुत्री के नाम पर हो उसके लिए ज़रूरी काग़ज़ात/दस्तावेज़ माँगे गये है पंजीकरण करने के दौरान।अगर आपको अपनी सुकन्या समृद्धि सेवा के माध्यम से बैंक खाता खुलवाना चाहते हैं तो आपको कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ की आवश्यकता होगी। जैसे की:-

• SSY खाता को खुलवाने का आधिकारिक फॉर्म

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

• बच्ची के जन्मतिथि का प्रमाण पत्र

• अभिभावक या माँ-पिता का पता का प्रमाण

• अभिभावक या माँ-पिता का कोई पहचान पत्र

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना की आवेदन प्रक्रिया

नीचे दिये गए प्रक्रिया का अनुपालन कर के देश के वे सभी लोग जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते है वे उठा सकते है । हालाकि उन्हें इस योजना को माप दंड पर खरा उतरना होगा अन्यथा उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। इस योजना के लिए आप ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किसी भी तरीके से आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आवेदन कर्ता को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आफिसीयल वेबसाइट पर जाना होगा । वेबसाइट पर जाने पर आपके समक्ष होम पेज खुल जाएगा।
  • होम पेज के उपर आपको “वोमन इम्पावरमेंट स्कीम” लिखा ऑप्शन दिखेगा। उस पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अगला पेज खुलेगा जिसमे आपको “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना वाले ऑप्शन के उपर क्लिक करना होगा। ऐसा करने पर आपकी कंप्यूटर स्क्रीन के उपर एक नया पेज खुलेगा।
  •  उस पेज पर आवेदन से संबंधित सारी जरूरी जानकारी एवं सूचना दी होगी । उसे ध्यानपूर्वक पढ़ कर बताए गए तरीके से आवेदन किया जा सकता है ।

ऑफलाइन प्रक्रिया

सर्वप्रथम आवेदन हेतु सभी जरूरी कागजात के साथ आवेदन कर्ता को अपने नजदीक के बैंक या पोस्ट ऑफिस मे जाकर योजना के तहत अकाउंट खुलवाना होगा । अकाउंट खुलवाने के लिए एप्लीकेशन फार्म मे सभी जानकारी को ध्यान से पढ़कर सही तरीके से भरना होगा। उसके बाद फार्म के साथ माँगे गए दस्तावेज को क्रमबद्ध तरीके से लगाकर जमा करना होगा। इय तरह से आप इस योजना से होने वाले लाभ के पात्र होंगे।

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” मोबाइल ऐप

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

भारत सरकार की तरफ से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अनुसार ही एक ऐप लान्च किया गया है। इस ऐप का निर्माण सी-डैक (C-DAC) हैदराबाद की टीम के द्वारा किया गया है। इस ऐप को बनाने का उद्देश्य लोगों की मानसिक मे बदलाव लाना तथा उन्हें जागरूक करना है। इस ऐप मे अलग-अलग सेक्शन दिये हुए है जैसे कि ‘क्यू’, ‘क्या’, ‘कैसै’, ‘आडीयो’, ‘वीडीयो’, ‘कहाँ’, ‘हेल्पलाईन’, ‘सजेस्ट अस’ इत्यादि। यदि आपके पास कोई प्रेरणा देने वाले कोई किस्से या कहानी है तो आप इस ऐप के जरिये सबसे साझा कर सकते है। इसके अलावा इस ऐप के माध्यम से आप योजना से संबंधित वीडियो देख सकते हैं। इस ऐप को गूगल के प्लेस्टोर या फिर एप्पल आईस्टोर से डाउनलोड कर सकते है

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